What is Direct and Regular mutual funds?डायरेक्ट और रेगुलर म्यूचुअल फंड क्या है?

 डायरेक्ट और रेगुलर म्यूचुअल फंड क्या है?

म्यूचुअल फंड्स ने भारतीय निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण निवेश विकल्प प्रदान किया है और वित्तीय लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए आपातकालीन हो गए हैं। म्यूचुअल फंड के जरिए निवेश करने के लिए निवेशकों को डायरेक्ट प्लान और रेगुलर प्लान के बीच चुनाव करना होता है। इस ब्लॉग में, हम इन दोनों प्लानों के बारे में बात करेंगे और उनकी विशेषताओं और लाभों पर जानकारी देंगे।

What is Direct and Regular mutual funds?डायरेक्ट और रेगुलर म्यूचुअल फंड क्या है?
What is Direct and Regular mutual funds?डायरेक्ट और रेगुलर म्यूचुअल फंड क्या है?



रेगुलर प्लान एक ऐसा म्यूचुअल फंड प्लान है जिसमें निवेशक अपने निवेश को मध्यमों के माध्यम से करते हैं, जैसे कि वित्तीय सलाहकार, आवंटित वित्तीय सलाहकार या डिस्ट्रीब्यूटर के माध्यम से। रेगुलर प्लान में, इन्वेस्टमेंट कंपनी या एसेट मैनेजमेंट कंपनी डिस्ट्रीब्यूटर को कमीशन या नकद राशि देती है, जिसे वे निवेशक के निवेश से कमाते हैं।

दूसरी ओर, डायरेक्ट प्लान में, निवेशक सीधे म्यूचुअल फंड कंपनी के पास जाकर निवेश करते हैं। यह प्लान बिना किसी माध्यम के होता है और नकद राशि को डिस्ट्रीब्यूटर को नहीं देता है। इसके कारण, डायरेक्ट प्लान में खर्चों में कमी होती है और निवेशकों को अधिक निवेश रिटर्न मिलता है। यहां यह महत्वपूर्ण है कि डायरेक्ट प्लान में निवेशकों को कोई कमीशन नहीं दिया जाता है, जिससे उनका निवेश अधिकतम संपत्ति वृद्धि कर सकता है।

डायरेक्ट प्लान और रेगुलर प्लान के बीच कुछ अहम अंतर होते हैं। पहला अंतर यह है कि डायरेक्ट प्लान में निवेशकों को कमीशन नहीं दिया जाता है, जबकि रेगुलर प्लान में डिस्ट्रीब्यूटरों को कमीशन दिया जाता है। दूसरा अंतर यह है कि डायरेक्ट प्लान में खर्चों में कमी होती है और निवेशकों को अधिक रिटर्न प्राप्त होता है। तीसरा अंतर यह है कि डायरेक्ट प्लान में निवेशकों को सीधा संपर्क म्यूचुअल फंड कंपनी से होता है, जबकि रेगुलर प्लान में निवेशकों का मध्यमवर्ती डिस्ट्रीब्यूटर होता है।

डायरेक्ट प्लान के चयन के लिए कुछ महत्वपूर्ण बातें ध्यान में रखनी चाहिए। पहले और सबसे महत्वपूर्ण चरण में, निवेशकों को डायरेक्ट प्लान की जानकारी हासिल करनी चाहिए और इसके लाभों और नुकसानों की विश्लेषण करना चाहिए। यह महत्वपूर्ण है कि निवेशक समझे कि डायरेक्ट प्लान में निवेश करने के फायदे क्या हैं और वह खुद निवेश करने की क्षमता रखते हैं या किसी वित्तीय सलाहकार की सलाह की आवश्यकता है।

दूसरे, निवेशकों को यह जानना चाहिए कि डायरेक्ट प्लान निवेश करने के लिए कैसे आवेदन किया जाता है और यह कितना आसान और सुरक्षित है। अधिकांश म्यूचुअल फंड कंपनियां ऑनलाइन निवेश के विकल्प प्रदान करती हैं और निवेशकों को अपने बैंक खाते के माध्यम से आवेदन करने की सुविधा देती हैं।

संक्षेप में, डायरेक्ट प्लान और रेगुलर प्लान दोनों ही निवेश विकल्प हैं, लेकिन उनमें कुछ महत्वपूर्ण अंतर होते हैं। निवेशकों को यह अच्छी तरह से समझना चाहिए कि उनके लक्ष्यों और आवश्यकताओं के आधार पर कौनसा प्लान सबसे उचित होगा। डायरेक्ट प्लान के माध्यम से निवेश करने के फायदे हो सकते हैं, लेकिन इसमें आवेदन करने के लिए निवेशकों को अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता होती है।

ध्यान रखें कि आपके निवेशों की सुरक्षा और वृद्धि में मदद करने के लिए एक पेशेवर वित्तीय सलाहकार से संपर्क करें और अपनी आवश्यकताओं और लक्ष्यों को समझें। म्यूचुअल फंड्स एक बढ़ता हुआ निवेश विकल्प हैं, लेकिन सही प्लान का चयन करना आपके निवेश के सफलतापूर्वक प्रबंधन में मदद करेगा।

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